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IPEM Journals/Law/Vol. 9

डिजटल नगरानी और नजता का अधकार: रा य सर ा एवं नागरक ु वतं ताओ ं का संतलन

डॉ योगेश कमार गता

Vol 9, Issue 1 (2025)Pages 124-133Published 2025-12-30

Abstract

डिजटल ौ योगकय के ती वकास ने शासन, सर ा और सामािजक जीवन को अभतपव प से पांतरत कया है। इंटरनेट, ु ू ू माटफोन, सोशल मीडया, क म ब धम ा और बड़ े डटे ा (Big Data) के यापक उपयोग के साथ डिजटल नगरानी रा य क ु ृ एक मख नीत-साधन बनकर उभर है। आतंकवाद, संगठत अपराध, साइबर अपराध और रा य सर ा से जड़ी चनौतय का ु ु ु ु ं सामना करने के लए सरकार नगरानी तं को आवयक मानती ह। कत यह नगरानी नागरक के नजता के अधकार, ु अभयि त क वतं ता और यि तगत वायता के लए गंभीर न खड़ े करती है। भारत म के .एस. पटवामी बनाम भारत ु संघ (2017) के ऐतहासक नणय ने नजता को सं वधान के अनछेद 21 के अतं गत मौलक अधकार के प म मा यता द। ु इसके पचात डिजटल नगरानी और डटे ा सं हण से जड़ े कानन व नीतय क संवधै ानकता पर गहन वमश ारंभ हआ। यह ु ू ु शोध प रा य सर ा और नागरक वतं ताओ ं के मय संतलन क आवयकता का वलेषण करता है तथा यह न उठाता ु ु है क कस सीमा तक रा य वारा नगरानी यायोचत है। अययन म भारतीय वधक ढाँचे, यायक िटकोण, डटे ा संर ण कानन तथा अतं ररा य मानक का वलेषण कया गया है। शोध का उ दे य यह पट करना है क एक लोकतां क समाज म ू सर ा आवयकताओ ं क पत करत े हए नजता के अधकार क र ा कैसे क जा सकती है।

Keywords

  • डिजिटल निगरानी
  • निजता का अधिकार
  • राष्ट्रीय सुरक्षा
  • नागरिक स्वतंत्रताएँ

Author affiliations

  • डॉ योगेश कमार गता,ोफेसर, आई.पी.इ.एम लॉ एकेडमे ी, गािज़याबाद

How to cite

डॉ योगेश कमार गता, “डिजटल नगरानी और नजता का अधकार: रा य सर ा एवं नागरक ु वतं ताओ ं का संतलन “ IPEM Law Journal, vol. 9, pp. 124–133, Dec. 2025, doi:

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